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आदिकाल

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे हिंदी साहित्य ब्लॉग पर इस पोस्ट में  आपको net-jrf 2020  से संबंधित अति महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न और उत्तर दोनों साथ में मिलेंगे ।  आदिकाल सर्वप्रथम किसने उत्तर भ्रंश को पुरानी हिंदी कहा ?- चंद्रधर शर्मागुलेरी हिंदी के आरंभिक ग्रुप को अब हट किसने कहा ?-     डॉ भोला शंकर व्यास इस प्रकार दसवीं से 14वीं शताब्दी काल, जिसे हिंदी का आदिकाल कहते हैं, भाषा की दृष्टि से अपभ्रंश का ही बढ़़ाव है - कथन किसका है ? -  हजारी प्रसाद द्विवेदी उत्तर अपभ्रंश की रचनाओं का अपने इतिहास में विवेचन करने वाले एवं उसे हिंदी साहित्य के अंतर्गत स्थान देने वाले विद्वान हैं - राहुल सांकृत्यायन डॉ रामकुमार वर्मा, डॉ. श्यामसुंदर दास हजारी प्रसाद द्विवेदी उत्तर अपभ्रंश है -आरंभिक हिंदी शिव सह सेंगर ने हिंदी का प्रथम कवि किसे माना है-  पुष्य या पुणे को ७ वीं शती राहुल सांकृत्यायन ने हिंदी का प्रथम कवि किसे माना है-  सरहपाद को डॉ गणपति चंद्र गुप्त ने हिंदी का प्रथम कवि किसे माना है-  साली भद्र सूर्य क...

उपभाषाएँ तथा बोलियाँ

हेलो फ्रेंड्स स्वागत है आपका हमारे हिंदी साहित्य  ब्लॉक पर इस पोस्ट में हम जानने वाले हैं भाषा, उपभाषाएं तथा बोलियां दोस्तों पूर्ण जानकारी के लिए आप हमारा पूरा पोस्ट जरूर पढ़ें। हिंदी प्रदेश, उपभाषाएँ तथा बोलियाँ  हिंदी भाषा का क्षेत्र हिमाचल प्रदेश, पंजाब  भाग, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली,उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, मध्यप्रदेश तथा बिहार है,  हिंदी (भाषा) प्रदेश कहते हैं। इस पूरे क्षेत्र   में हिंदी की पांच उपभाषाएं हैं, जनके अंतर्गत मुख्यतः 10 बोलियां हैं   भाषा    उपभाषाएं         बोलियां   हिंदी      1. पश्चिमी हिंदी    1. खड़ी बोली या कौरवी                                      2. ब्रजभाषा 3.  हरियाणवी                                      4. बुंदेली 5. कन्नौजी ...

(हिंदी भांषा ) उदभव, विकास और स्वरुप

नमस्कार दोस्तों स्वागत  है आपका हमारे हिंदी साहित्य ब्लॉग पर दोस्तों इस पोस्ट में हम  हिंदी भांषा : का    उदभव, विकास और स्वरुप   के बारे में विस्तार से समझेंगे। एक बात तो है हम सभी के मन में यह विचार  आता है कि कोई ऐसी ट्रिक हो कि हमें ज्यादा पढ़ना न पड़े और हमारा पेपर भी निकल जाये तो आपको बता दें, जितना ज्यादा आप शॉर्टकट जाने का प्रयास करेंगे उतना ही ज्यादा आपका नुकसान  हो जायेगा शार्ट में जाने से आप बहुत कुछ खो भी देते हैं और आपको मालूम भी नहीं पड़ता इसलिए मैं आपसे यही आग्रह करता हूँ कि आप कम पढ़ें  किसी भी विषय पर , लेकिन उस विषय के बारे में  पूर्ण जानकारी अवश्य प्राप्त करें।   हिंदी भांषा  : उदभव, विकास और स्वरुप   हिंदी जिस भाषा-धारा के विशिष्ट दैनिक और कलिक रूप का नाम है, भारत में उसका प्राचीनतम रूप संस्कृत है। संस्कृत का काल मोटे रूप से  1500 ई० पू०  से 500 ई० पू० तक माना जाता है । इस काल में संस्कृत बोलचाल की भाषा थी । उस बोलचाल की भाषा का ह...